पाठ का नाम - नमक का दारोगा
लेखक का नाम - प्रेमचंद
लेखक का मूल नाम - धनपत राय
हिन्दी.व्याकरण का पुरा अध्ययन
वचन
जिन संज्ञा या अन्य विकारी शब्दों से उसके एक या अनेक के होने का बोध हो वह वचन कहलाता है वचन के भेद वचन के दो भेद होते हैं एक वचन बहुवचन एकवचन संज्ञा शब्द के जिस रुप से उसके एक होने का बोध होता हो उसे एक वचन कहते हैं लड़का गाय घोड़ा बच्चा छाता आदि बहुवचन संज्ञा शब्द के जिस रुप से उसके एक से अधिक होने का बोध होता हो उसे बहुवचन कहते हैं जैसे लड़के गाय गाय गाय घोड़े बच्चे छाते आदि संज्ञा सर्वनाम और क्रिया द्वारा वचन की पहचान संज्ञा में वाक्य में संज्ञा सर्वनाम तथा क्रिया के द्वारा पहचान हम निम्न प्रकार से कर सकते हैं एकवचन बहुवचन बच्चा खेल रहा है बच्चे खेल रहे हैं संज्ञा द्वारा वचन की पहचान वह पढ़ रहा है। वह पढ़ रहे हैं। सर्वनाम द्वारा वचन की पहचान ( मोर सांप खा रहा है। मोर सांप खा रहे हैं। ( क्रिया द्वारा वचन की पहचान रोटी मांगने वाली)
लिंग
लिंग की परिभाषा =
शब्द के जिस रुप से पुरुष और स्त्री जाति का बोध हो उसे लिंग कहते हैं
लिंग के दो भेद होते हैं
1. पुल्लिंग
2.स्त्रीलिंग
1. पुल्लिंग = शब्द के जिस रुप से पुरुष जाति का बोध होता है उसे पुल्लिंग कहते हैं
उदाहरण = ◆ लड़का खेल रहा है
◆ पेड़ में फल लगे हैं
◆ मोर नाच रहा है
दिए गए उदाहरण में लड़का ,पेड़ ,फल ,मोर आदि शब्द पुरुष जाति का बोध करा रहे हैं अतः यह शब्द पुल्लिंग है
2. स्त्रीलिंग = शब्द के जिस रूप में स्त्री जाति का बोध होता है उसे स्त्रीलिंग कहते हैं |
उदाहरण = ◆ अध्यापिकापढ़ा रही है । ◆ मछली तैर रही है ।
◆गाय घास चर रही है।
दिए गए उदाहरण में अध्यापिका, मछली ,गाय आदि शब्द स्त्री जाति का बोध करा रहे हैं अतः यह शब्द स्त्रीलिंग है।